राम लाल री राम राम जी,

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Saturday, August 28, 2010

रहमान की दुकान का फीका पकवान.

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बनाया रहमान का गाना इतने घटिया दर्ज़े का है कि हैरानी हो रही है कि क्या यही वो आदमी है जिसने आस्कर जीता है ! लग रहा था कि इतनी कंट्रोवर्सी के बाद शायद कम से कम एक हिट गाना तो शायद कुछ तसल्ली देगा... फिर भी शुभकामनाएं.

Sunday, June 6, 2010

खेल खेल में

मणिशंकर अय्यर ने खेलों को जंब्बूरी कहा तो मंत्री पद खोना पड़ा. पर सच तो ये है कि भारत जैसे विकासशील देश में मूलभूत सुविधाएं मुहय्या करवाने का यही एक बहाना बचा है. चीन व कोरिया इसके जीवंत उदाहरण हैं जहां ओलंपिक खेलों के चलते ढेरों काम हुआ.

कामनवेल्थ खेलों के चलते दिल्ली में जो काम हो रहा है वह केवल दूसरी बार शुरू हुआ है, पहली बार 1982 में एशियाई खेलों के दौरान हुआ था. अब अगली बार शायद भारत में ओलम्पिक होने पर ही आगे कुछ हो. पर भारत में ज़रूरी है कि ये खेल महानगरों से दूर छोटे शहरों में भी ले जाये जाएं.
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रेडि‍यो टीवी से दुनि‍या का पता चलता रहता है. कभी कभी अख़बार मि‍ल जाता है तो वो भी पढ़ लेता हूं.