राम लाल री राम राम जी,

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Friday, March 12, 2010

श्श्श्श्श...पाकिस्तान का मज़ाक उड़ाना मना है.

कल तक, पाकिस्तान के पास ले दे कर दो ही चीजें थीं जिनके भरोसे ये गंजे बच्चों की मानिंद उछल-उछल कर दुनिया को अपना बचकाना सा मुंह दिखाता आया है. पहला है परमाणु बम्ब व दूसरे, हाकी-क्रिकेट का खेल.


क्रिकेटरों को कल इसने हड़का के बर्ख़ास्त कर दिया, आज हाकी की पूरी टीम ने डर के मारे ख़ुद ही स्तीफ़ा दे दिया. परमाणु बम्ब पर अमरीकी मरीन  पहले ही कुंडली मारे बैठे हैं. अब पाकिस्तान के पास बचा क्या !


ऐसे में सबसे बढ़िया एक बात जो इतिहास सिखाता आया है वह आज भी वैध है. कल तुर्की साम्राज्य से बचाव के लिए अंग्रेज़ों ने अफ़ग़ानिस्तान को बफ़र बना रखा था आज तालिबानियों के भारत में उत्पात से बचने के लिए हमें पाकिस्तान की सख़्त ज़रूरत है. 


IPL  वालों को चाहिये कि, राष्ट्रहित में, इसी के चलते पाक क्रिकेटरों को कुछ पैसे दे कर खिला लें. पाकिस्तान को, अमेरिका के अलावा भी चार पैसे की मदद हो जाएगी.
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Sunday, March 7, 2010

बहुत हो ली हाकी, अब बहाने बंद भी करो

कितनी कोशिशें कर लीं हाकी को फिर आक्सीजन देने की. पता नहीं इससे ज़्यादा अब और क्या दरकार है ! हाकी खिलाड़ी उम्मीदें तो क्रिकेटरों की सी पाले बैठे हैं पर खेल रहें हैं मुहल्ला-टीमों की मानिंद.

इस बार हाकी को  किसी भी तरह से क्रिकेट से कम कवरेज़ नहीं मिली. पर किया क्या, वही ढाक के तीन पात. फिर कहते हैं कि कोई हाकी को बढ़ावा नहीं देता. खेल जज्बे से चलता है, जीत का जज्बा.

बहानेबाज़ी बंद कर जीतना शुरू करो, स्टार तो लोग तुम्हें बना ही देंगे.
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